औंटी की प्यासी चूत को दिया लड़ का मजा
मेरे पड़ोस की युवा आंटी से उसका पति झगड़ता था. आंटी का सेक्सी जिस्मदेख मैंने फायदा उठाने की सोची. आंटी को गर्म करके मैंने उसकी चूत को लंडका मजा कैसे दिया?कई बार मैंने अपनी खुद की कहानी भी आप लोगों के सामने रखने के बारे मेंसोचा लेकिन पर्याप्त समय नहीं मिल पा रहा था. आखिरकार मैं अपनी कहानी लिखनेमें सफल हुआ और उसी कहानी को आप सबके सामने पेश कर रहा हूं.
यह मेरी पहली कहानी है इसलिए मुझसे यदि कोईगलती हो जाये तो मैं आप लोगों से पहले ही क्षमा चाहता हूं और निवेदन करताहूं कि उस पर ध्यान न दें. दोस्तो, यह कहानी मेरे जीवन में घटी एक सत्यघटना पर आधारित है. उम्मीद है मेरी यह आपबीती आप लोगों को पसंद आयेगी.
कहानी को शुरू करने से पहले मैं आपको अपना सामान्य परिचय देना चाहूंगा.मेरा नाम मनीष है और मैं हरियाणा के महेन्द्रगढ़ जिले का निवासी हूं. यहघटना आज से साल भर पुरानी है. उस वक्त मैं 20 साल का था और घर पर ही रहताथा.
मेरी पढ़ाई पूरी हो चुकी थी और मैं घर पर ही रहता था. मेरा ज्यादातर समय सोशल नेटवर्किंग साइट पर ही बीतता था.
मेरे पड़ोस में एक शादीशुदा महिला रहती थी जिसका नाम मोनिका (बदला हुआ)था. उस लेडी की उम्र लगभग 27-28 के पास थी. वैसे उम्र में वो मुझसे 7-8 सालबड़ी थी इसलिए मैं उसको आंटी ही कहना चाहूंगा. वो देखने में बहुत सुंदरथी.
इस घटना से पहले मेरा ध्यान कभी उस आंटी पर नहीं गया था. जब पहली बारमेरा ध्यान किसी घटना ने खींचा तो वो पति-पत्नी के बीच का झगड़ा था. मोनिकाका पति शराब पीता था और उस दिन उसके पति के साथ उसकी जबरदस्त लड़ाई हुईथी.
उस झगड़े वाली घटना की खबर पूरे पड़ोस में आग की तरह फैल गयी थी. तबपहली बार मैंने उन पर ध्यान देना शुरू किया. फिर अगली शाम को मेरा दोस्तमेरे घर आ गया. उसने भी बताया कि उसका पति रोज शराब पीता है और उसके साथझगड़ा करता है. शादी के बाद से उन दोनों में लड़ाई हो रही थी.
मेरे दोस्त ने बताया कि वो इतनी ज्यादा शराब पीता है कि उसको कुछ होश हीनहीं रहता. मेरे दोस्त को मोनिका के बारे में काफी कुछ पता था. उसी नेमुझे बताया कि उसका पति उसके साथ सेक्स भी नहीं करता है.
जब मुझे ये बात पता चली तो मेरा ध्यान भी आंटी के बदन पर जाने लगा. इससेपहले मैंने कभी उसको वासना की नजर से नहीं देखा था. मगर दोस्त के यह बतानेपर कि उसकी चुदाई नहीं हो रही है तो तब से मेरे मन में भी उसके साथ सेक्सकरने के ख्याल आने लगे.
मैंने अपने दोस्त से कहा कि मोनिका का नम्बर हो तो पता करो.
दोस्त बोला- मैं उसकी एक सहेली को जानता हूं, उससे नम्बर लेकर तुम्हें दे दूंगा.
अगले दिन मेरा दोस्त मोनिका का नम्बर लेकर आ गया. मैंने उसको थैंक्सबोला. उसके जाने के बाद मैंने उसका नम्बर सेव कर लिया. मैंने पाया कि वोव्हाट्स एप पर भी एक्टिव थी. उसने अपनी फोटो भी लगाई हुई थी.
फोटो में उसने एक सफेद रंग का सूट और लाल रंग की पजामी पहनी हुई थी.उसकी गांड बहुत ही सेक्सी शेप में दिख रही थी. उसकी मोटी मोटी जांघों मेंपजामी ऐसे कसी हुई थी जैसे ये सिर्फ उसी के लिए बनाई गई हो.
मैंने उसको मैसेज करने की सोची. मगर थोड़ा डर भी लग रहा था कि कहीं येकिसी से शिकायत न कर दे. मैंने रात को 8 बजे के करीब उसको हाय लिख कर एकमैसेज किया.
उसने मैसेज देखा लेकिन कोई जवाब नहीं दिया. मैंने एक घंटा इंतजार किया लेकिन उसका रिप्लाई नहीं आया.
उसके बाद मैंने फिर से ट्राई करने की सोची. अगली बार मैंने उसको अपना नामऔर पता भी लिख कर भेजा. मैंने मैसेज में लिखा कि मैं उसका पड़ोसी मनीष हूं.
जब उसने मेरा नाम पढ़ा तो उसने मैसेज किया. मैसेज में उसने हाय लिखा औरपूछने लगी कि उसका नम्बर कहां से मिला. मैंने उससे झूठ ही बहाना बना दियाकि उनके घर का एक लैटर गलती से हमारे घर पर आ गया था. उसमें आपका नाम औरनम्बर लिखा हुआ था.
मेरी इस बात पर उसने यकीन भी कर लिया. उसके बाद हम दोनों में बातें होनेलगीं. पहले तो नॉर्मल बातें हुई और फिर मैंने उससे उसके पति के साथसंबंधों के बारे में पूछा.
मैंने उस झगड़े की बात छेड़ी और उसको सांत्वना देने की कोशिश की. उसनेमुझे थैंक्स बोला. उसको मुझसे बातें करना अच्छा लग रहा था. इसलिए वो जल्दीही रिप्लाई कर रही थी.
फिर मैंने उससे कहा- कभी आप हमारे घर पर आयें तो मुझसे मिल कर जायें. मुझे आपसे कुछ जरूरी बात करनी है.
वो बोली- ठीक है, मैं अभी आ जाती हूं.
उसका ये मैसेज देख कर मेरी गांड फट गयी.
मैंने कहा- नहीं- नहीं … अभी तो रहने दीजिये. कल-परसो आ जाइयेगा.
वो बोली- अब क्या दिक्कत है?
मैंने कहा- अभी तो मैं कहीं बाहर हूं. मैं अभी घर पर नहीं मिलूंगा.
बड़ी मुश्किल से मैंने उसको समझा कर मना किया.
वो मान गयी.
रात को मैंने उसकी फोटो देख कर लंड भी हिला लिया. लंड का पानी निकाल करथोड़ा चैन मिला और फिर मैं सो गया. सुबह उठा और फ्रेश होकर नाश्ता किया.उसके बाद मैंने कुछ देर टीवी देखा और फिर नहाने चला गया.
मैं नहा कर तैयार हो ही रहा था कि तभी मोनिका घर आ गयी. सामने मां थी और उसने सीधा मां से बात करनी शुरू कर दी.
मोनिका बोली- कल रात को मनीष का फोन आया था. वो कुछ बात करना चाह रहा था. इसलिए मैं उससे बात करने के लिए आई हूं.
मेरी गांड फटने को हो गयी. सोचा कि ये तो मार खिलवायेगी. मां के सामनेपोल-पट्टी खुलने वाली थी. मां ने मेरी ओर देख कर कहा- मनीष, तुमने मोनिकाआंटी के पास फोन किया था?
मैंने कहा- हां, वो गलती से लग गया था, मैं तो अपने एक दोस्त को फोन लगारहा था. फिर जब उस नम्बर पर बात की तो पता चला कि ये मोनिका आंटी का नम्बरहै. मेरे दोस्त और इनका नम्बर काफी मिलता जुलता सा है.
किसी तरह बहाना बना कर मैंने झूठ का सहारा लेकर बात को संभालने की कोशिशकी. फिर मोनिका और मेरी मां बैठ कर बातें करने लगीं. कुछ देर बातें करनेके बाद वो हमारे घर से चली गयी.
उस दिन तो मरवा ही दिया होता उस आंटी ने मुझे. अगले दिन मैं बाहरमार्केट में जा रहा था कि मोनिका मुझे अपने घर के बाहर खड़ी दिख गयी.
मैंने कहा- आंटी आपको मेरी मां के सामने बात करने की क्या जरूरत थी?
वो बोली- क्यों, मैंने क्या गलत किया?
मैंने कहा- मुझे आपसे अकेले में बात करनी थी, घरवालों के सामने नहीं.
वो बोली- ऐसी क्या बात थी जो घरवालों के सामने नहीं कर सकते थे?
मैंने कहा- थोड़ा साइड में चलिये, फिर बताता हूं. मैं उसको उसके घर केअंदर की ओर ले गया. मेरा लंड टाइट होने लगा था. उसकी बूब्स की शेप देख करमेरा मन कर रहा था कि यहीं पर इसको नंगी कर लूं.
जब उसने देखा कि मैं उसकी चूचियों को घूर रहा हूं तो हल्के से मुस्करानेलगी. शायद उसको पता लग गया था कि मैं उससे किस बारे में बता करना चाह रहाहूं.
एक तरफ जाकर वो पूछने लगी- बताओ, क्या बात थी?
मैंने कहा- मुझे आपके लिए बहुत सॉरी फील हो रहा है. उस दिन के झगड़े वाली बात काफी बुरी लगी मुझे.
वो बोली- हां, दुखी तो मैं भी हूं लेकिन मुझे आदत हो गयी है.
वो बोली- बस यही बात करनी थी तुम्हें?
मैंने कहा- नहीं, बात तो और भी करनी है.
उसने कहा- तो कहो?
मैंने कहा- आपको बुरा तो नहीं लगेगा?
मोनिका ने कहा- नहीं, कहो तो, क्या कहना चाहते हो?
मैंने कहा- मैं आपकी कुछ हेल्प करूं?
उसने पूछा- कैसी हेल्प?
मैंने कहा- यदि आप अपने पति के साथ खुशी नहीं हैं तो … मैं … कुछ मदद करूं?
वह मेरे इशारा को समझ गयी थी लेकिन पता नहीं एकदम से उसने गुस्से मेंबोला- तुम्हारा दिमाग ठिकाने पर तो है, जानते हो क्या कह रहे हो?
मैंने कहा- हां आंटी, मुझे आपके लिये सच में बहुत बुरा लग रहा है.
ये कहते हुए मैंने उसके हाथ को पकड़ लिया और सहानुभूति सी दिखाते हुएउसके हाथ को अपनी लोअर के करीब कर लिया. उसके कोमल से हाथ को छूते ही मेरालंड कुछ ही सेकेण्ड्स में तन गया.
उसका हाथ मेरे लंड को छू गया तो उसने नीचे देखा. मेरा लंड खड़ा हो चुका था.
उसको भी मेरा खड़ा लंड देख कर लालच सा आ गया और वो बोली- लेकिन किसी को पता चल गया तो?
मैंने उसके हाथ को अपने लंड पर दबा दिया और उसके होंठों को किस कर दिया.
वो एकदम से पीछे हो गयी मगर कुछ सोच कर फिर वो मेरे पास आई और मेरे लंड पर हाथ रख कर मेरे होंठों को किस करने लगी.
हम दोनों घर के बरामदे में खुले में चूमा-चाटी कर रहे थे. जब मुझे इसबात का अहसास हुआ तो मैंने कहा- यहां सेफ नहीं है आंटी. हमें कहीं और चलनाहोगा.
उसके बाद मैं उसको लेकर ओयो रूम्स में गया. कमरे में जाते ही हम दोनोंपागलों की तरह एक दूसरे को किस करने लगे. मैंने उसकी गांड पर दोनों हाथ रखदिये और सामने से उसकी चूत वाले हिस्से पर लंड को सटा कर उसके होंठों कोजोर जोर से चूसने लगा. वो भी मेरा पूरा साथ दे रही थी.
किस करते ही मेरे हाथ उसके सूट को ऊपर उठाने लगे. मैंने कमीज को ऊपरकिया और उसकी ब्रा के ऊपर से उसकी चूचियोंमें मुंह दे दिया. फिर मैंनेउसके कमीज को पूरा ही निकाल दिया. मैंने उसकी गर्दन को चूमा और उसकी सफेदब्रा के ऊपर से ही उसकी मस्त मोटी चूचियों को भींचने लगा.
फिर मैंने उसकी ब्रा को खोल दिया और उसके बूब्स नंगे हो गये. मैंनेतुरंत उसकी चूची पर होंठों को रखा और उसके दूधों को पीने लगा. उसके बूब्सको चूसने के बाद मैंने फिर से उसके होंठों को चूसना शुरू कर दिया.
इस वक्त मेरे हाथ उसकी चूचियों के निप्पलों को जोर जोर से मसल रहे थे.मोनिका का हाथ मेरी लोअर पर जाकर मेरे लंड को मसल रहा था. मैं भी उसकी चूतमें लंड देने के लिए पागल सा हो गया था.
उसने मेरे कपड़े खोलने शुरू कर दिये और अगली एक मिनट में मैं उसके सामने पूरा नंगा हो गया था. वो मेरे लंड को घूरने लगी.
मैंने पूछा- कैसा लगा?
वो बोली- आह्ह.. काफी दमदार लग रहा है तुम्हारा औजार तो, मेरे पति का लंड तो इसके सामने बहुत छोटा है.
मोनिका ने मेरे 7 इंची लंड को अपने हाथ में पकड़ा और उसकी गर्मी कोमहसूस करते हुए उसको प्यार से सहलाने लगी. मैंने उसकी सलवार को खोला औरउसको बेड पर पटक लिया.
उसने नीचे से पैंटी लाल रंग की पहनी हुई थी जो उसकी गोरी गोरी जांघों परकसी हुई सच में कहर बरपा रही थी. मैंने उसकी चूत के ऊपर से पैंटी को खींचकर नीचे कर दिया. उसकी चूत काफी टाइट लग रही थी.
मैंने उसकी चूत को सूंघा और उसको किस किया. वो सिसकारियां लेने लगी. मैंकई मिनट तक उसकी चूत के साथ खेलता रहा. फिर मैंने उसकी चूत में उंगली डालदी और आराम से अंदर बाहर करने लगा.
वो बहुत ज्यादा गर्म हो गयी. उसने मुझे नीचे लिटाया और खुद ऊपर आकर मेरे लंड को मसलने लगी.
मैंने कहा- मुंह में ही ले लो.
उसने मना कर दिया. वो बोली- मुझे ये गंदा लगता है.
मैंने कहा- एक बार ट्राई तो करो. मजा आयेगा चूसने में.
बहुत कहने पर उसने मेरे लंड को मुंह में लिया और मैं तो जैसे जन्नत की सैर पर निकल गया.
उसके मुंह में लंड देकर चुसवाने में बहुत गजब का मजा आ रहा था. कुछ ही देरमें मैं इतना उत्तेजित हो गया कि और ज्यादा नहीं रुक सकता था. मैंने उसकोफिर से नीचे पटका और उसकी चूत पर लंड को लगा दिया.
आंटी की चूत काफी टाइट थी. लंड अंदर नहीं जा रहा था. मुझे भी काफीपरेशानी हो रही थी. फिर मैंने उसकी चूत पर दोबारा से लंड को कस कर सेट कियाऔर एक जोरदार धक्का दिया. मेरे लंड का सुपारा उसकी चूत में घुस गया.
लंड उसकी चूत में अंदर घुसते ही उसकी चीख निकल गयी.
वो कराहते हुए बोली- उफ्फ … आराम से कर गधे, मैंने कई महीनों से सेक्स नहीं किया है.
उसके कहने पर मैं वहीं पर रुक गया और उसको किस करने लगा. थोड़ी देर केबाद वो खुद ही अपनी कमर को हिलाने लगी. मैंने फिर से अपने लंड को हल्केहल्के धक्के देते हुए अंदर धकेला और धीरे धीरे पूरा लंड उसकी चूत में फंसादिया.
फिर मैंने उसकी चूत को आहिस्ता से चोदना शुरू कर दिया. दोस्तो, उस आंटीकी टाइट चूत को चोदते हुए बहुत ही ज्यादा मजा आ रहा था. वो भी मेरे लंड सेचुद कर मजा लेने लगी थी.
अब मैं तेज स्पीड में उसकी चूत को पेलने लगा. उसकी गर्म गर्म चूत मेंअपना लौड़ा देकर चोदने में बहुत मजा आ रहा था. उसकी चूत की गर्मी मुझे अपनेलंड पर अलग से ही महसूस हो रही थी.
आंटी की चूत चुदाई करते हुए मैं ज्यादा देर टिक भी नहीं पाया. बीस मिनटके लगभग तक मैंने उसकी चूत को मसल कर रख दिया और फिर मेरे लंड ने भी अपनालावा उसकी चूत में उगल दिया.
अपना सारा माल मैंने उसकी चूत में भर दिया. तब तक वो भी दो बार झड़ चुकीथी. कुछ देर हम दोनों लेटे रहे. उसके बाद फिर से उसने मेरे लंड को चूसनाशुरू कर दिया.
मेरे लंड को चूस चूस कर उसने फिर से खड़ा कर दिया. अब मैंने उसको डॉगीस्टाइल में आने के लिए कहा. वो कुतिया की तरह मेरे सामने चूत दिखाते हुएझुक गयी. मैंने पीछे से उसकी चूत में लंड को पेल दिया और फिर से चुदाई शुरूहो गयी.
अबकी बार लंड आराम से अंदर बाहर हो रहा था. उसकी चूत काफी चिकनी हो गयीथी. तेजी से मैंने उसकी चूत को चोदना चालू किया और फिर अगले 20-25 मिनट तकचोदा. एक बार फिर से मेरे लंड ने उसकी चूत में ही अपना माल उगला और मैं फिरसे उसके ऊपर ढेर हो गया.
मोनिका की चूत की हालत खराब हो गयी थी. मगर मेरे लंड से चूत चुदवा करउसने इंजॉय भी खूब किया. उसके बाद तो जब भी मुझे मौका मिला मैंने उसकी चूतको जमकर पेला.
फिर उसने अपनी सहेलियों से भी मेरी बात करवाई. उसी की बदौलत मैंने एक आंटी भी चोदी. इसके अलावा एक सेक्सी भाभी की चुदाई भी कर डाली.
अब मैं उस सेक्सी भाभी और उसकी एक सहेली को अक्सर चोदता रहता हूं. वोभाभी भी मुझे अक्सर बुलाती रहती है.
भाभी की चुदाई भी कहानी मैं आपको फिरकभी बताऊंगा. साथ ही आंटी की सहेली की चुदाई के बारे में भी एक सेक्स कहानी अलग से लिखूंगा.
तब तक आप मुझे अपने सुझाव भेजें. मुझे आपके बहुमूल्य सुझावों का इंतजार रहेगा.


0 Comments